कटिहार। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की विभिन्न गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर कटिहार ने अगस्त 2026 की राज्य स्तरीय रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया है। पोषण ट्रैकर में उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान और प्रबंधन, वृद्धि निगरानी, लाभार्थियों के सत्यापन, टीएचआर वितरण, केंद्र निरीक्षण समेत 24 प्रमुख संकेतकों के आधार पर जिलों और परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया। इसमें कटिहार का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बेहतर संचालन के लिए आईसीडीएस कर्मियों को बधाई दी और आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
आईसीडीएस जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कुमारी पूर्णिमा ने बताया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 99.13 प्रतिशत लाभुकों का एफआरएस सत्यापन किया गया है। वहीं, 87.94 प्रतिशत लाभार्थियों का आभा आईडी सत्यापन पूरा किया गया है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में उपस्थित बच्चों में 25.59 प्रतिशत बच्चों का आधार कार्ड और 24.21 प्रतिशत बच्चों का अपार कार्ड बनाया गया है। जिन बच्चों का आधार कार्ड अभी तक नहीं बना है, उनके लिए विशेष आधार कैंप आयोजित किया जाएगा, ताकि उन्हें भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो।
पोषण ट्रैकर के आंकड़ों के अनुसार जिले में 99.86 प्रतिशत बच्चों की वृद्धि निगरानी की गई है। वहीं, 99.97 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों का समय पर संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा गृह भ्रमण के माध्यम से भी मां और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। जिले के 99.96 प्रतिशत घरों का भ्रमण कर सेविकाओं ने लाभार्थियों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और जरूरत के अनुसार पोषण सामग्री उपलब्ध कराई। जिला प्रशासन की ओर से गर्भवती और धात्री महिलाओं तथा नवजात शिशुओं को बेहतर जांच और पोषण सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।
जिले में पोषण ट्रैकर के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों की डिजिटल मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जा रही है। सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिका केंद्रों का औचक निरीक्षण कर संचालन की गुणवत्ता में सुधार कर रहे हैं। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को पोषण ट्रैकर ऐप पर शत-प्रतिशत आंकड़े अपडेट करने का निर्देश दिया है। साथ ही पोषण माह के दौरान नियमित रूप से जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित करने और प्रत्येक योग्य लाभुक को विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।




