कटिहार: जिले के प्राणपुर प्रखंड अंतर्गत स्थित रोशना थाना का इतिहास दो दशक से अधिक पुराना है। वर्ष 2001 से पुलिस आउटपोस्ट (ओपी) के रूप में कार्यरत रोशना ओपी को फरवरी 2024 में राज्य सरकार के आदेश के बाद पूर्ण थाना का दर्जा दिया गया। लगभग 23 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद रोशना को स्वतंत्र थाना बनने का गौरव प्राप्त हुआ।
थाना का दर्जा मिलने के बाद बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम द्वारा लगभग 4.14 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मॉडल थाना भवन का निर्माण कराया गया है। भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही इसका उद्घाटन होने की संभावना है।
रोशना थाना की पहली महिला थाना प्रभारी के रूप में मासूम कुमारी ने 12 जुलाई 2024 को पदभार ग्रहण किया। पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा द्वारा उन्हें थाना अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। वर्तमान में उनके नेतृत्व में थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, मद्य निषेध अभियान, पशु तस्करी रोकने तथा सीमा क्षेत्र में निगरानी को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
बिहार-पश्चिम बंगाल सीमा से सटे इस थाना क्षेत्र में महानंदा चेक पोस्ट पर नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जाता है। पुलिस संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच कर अवैध गतिविधियों पर नजर रखती है। शराब तस्करी, पशु तस्करी और अन्य अंतरराज्यीय अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरती जाती है।
रोशना थाना क्षेत्र में महादेवपुर, लाभा, केशवपुर, तारापुर, सकरैली, बालू टोला, बंगरुआ, कन्हरिया, लालगंज, तेघड़ा, शाहनगर, गौरीपुर, गंगानगर, रोशना बाजार, काबिलपुर सहित कई प्रमुख गांव शामिल हैं। थाना क्षेत्र की सीमाएं कुमेदपुर ओपी, प्राणपुर थाना, आजमनगर थाना और अमदाबाद थाना से जुड़ी हुई हैं।
स्थानीय स्तर पर ईद, मुहर्रम, होली और दुर्गा पूजा जैसे पर्वों के दौरान थाना परिसर में शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाती हैं। पुलिस प्रशासन का दावा है कि पूर्ण थाना बनने के बाद क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और पुलिस की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।





