कटिहार: बिहार-बंगाल सीमा से सटे कटिहार जिले के प्राणपुर प्रखंड मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित रोशना बाजार का दुर्गा मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और मनोकामना सिद्धि के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत मां दुर्गा की कृपा से पूरी होती है।
मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य के लिए घर से निकलने से पहले इस मंदिर में दर्शन और मन्नत मांगने से कार्य सफल होता है। यही कारण है कि नवरात्र के दौरान बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दान अथवा प्रतिमा अर्पित करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में भी इस मंदिर के प्रति विशेष आस्था देखी जाती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मंदिर में कभी पशु बलि की परंपरा नहीं रही। नवरात्र के दौरान विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होता है और दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित संगमरमर की मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा है, जिसे काशी से लाकर स्थापित किया गया था। इस मंदिर में प्रतिमा का विसर्जन नहीं किया जाता, बल्कि केवल कलश का विसर्जन किया जाता है।
हर वर्ष विजयादशमी के अवसर पर मंदिर परिसर में भव्य संथाली नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल की प्रसिद्ध नृत्य मंडलियां अपनी प्रस्तुति देती हैं तथा पूजा समिति की ओर से आकर्षक पुरस्कार भी प्रदान किए जाते हैं।
मंदिर समिति के सदस्यों का कहना है कि रोशना बाजार का दुर्गा मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है और मां के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद अवश्य पूरी होती है।





