गंगा-कोसी के जलस्तर में 12 घंटे में 10 सेंटीमीटर वृद्धि, निचले इलाकों में फैला बाढ़ का पानी

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कुरसेला (कटिहार): कुरसेला प्रखंड के गंगा-कोसी नदी से सटे तटवर्ती क्षेत्रों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे फैलने लगा है। गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में पिछले 12 घंटे के दौरान करीब 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटबंध से सटे निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने लगा है। इससे तीनघरिया, खेरिया, पत्थर टोला, बगमारा, नया टोला तीनघरिया, कमलाकानी और गोबराही दियारा के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। इन इलाकों में रहने वाले खेती-किसानी और पशुपालन से जुड़े परिवारों के सामने परेशानी खड़ी होने लगी है।

वहीं, नगर पंचायत क्षेत्र की ग्रामीण सड़कें भी बाढ़ के पानी से प्रभावित होने लगी हैं। हालांकि फिलहाल इन सड़कों पर आवागमन चालू है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी के जलस्तर में इसी तरह लगातार वृद्धि होती रही तो सड़कों पर पानी बढ़ने से आवागमन बाधित हो सकता है। इससे ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय और बाजार आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

खेतों में पानी जमा होने से फसल को नुकसान की आशंका

तटवर्ती क्षेत्र के निचले हिस्सों में खेतों और ग्रामीण रास्तों के आसपास पानी जमा होने लगा है। कई जगह खेतों में भी पानी फैलने से फसलों पर संकट मंडराने लगा है। किसानों का कहना है कि जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी रही तो खेतों में लगी फसलें पानी में डूब सकती हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से जलस्तर और संभावित जलजमाव वाले क्षेत्रों पर नजर रखने की मांग की है।

पशुपालकों को चारा और पशुओं की सुरक्षा की चिंता

बाढ़ का पानी फैलने से पशुपालकों की परेशानी भी बढ़ने लगी है। निचले इलाकों में हरा चारा उपलब्ध कराने में दिक्कत आने लगी है। पानी और जलजमाव बढ़ने की स्थिति में पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने को लेकर पशुपालक चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई तो पशुओं को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

जलस्तर पर ग्रामीणों की नजर

ग्रामीणों के अनुसार गंगा और कोसी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से नदी का पानी बढ़ने के कारण तटवर्ती क्षेत्रों के लोग सतर्क हैं। ग्रामीण नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। निचले इलाकों में पानी फैलने के बाद लोगों ने जरूरी सामान और पशुओं को सुरक्षित रखने की तैयारी शुरू कर दी है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने, निचले इलाकों में जलस्तर की जानकारी उपलब्ध कराने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो निचले इलाकों में स्थिति गंभीर हो सकती है। समय रहते प्रशासन की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाने से संभावित परेशानी को कम किया जा सकता है।

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Author: kelanchaltimes

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