गोड्डा: जिले में मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों की वर्तमान स्थिति, जांच, उपचार और जनजागरूकता कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि वर्षा ऋतु में मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस समेत सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से सुंदरपहाड़ी और बोआरीजोर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में फॉगिंग, लार्वा नियंत्रण, साफ-सफाई और नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जून 2026 तक की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके अनुसार जून माह तक जिले में 24,811 रक्त स्लाइड की जांच में 530 मलेरिया संक्रमित मरीज मिले, जिनमें 78 प्लाज्मोडियम विवैक्स (PV) और 452 प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (PF) के मामले शामिल हैं। वहीं वर्ष 2026 में अब तक 1,24,270 जांचों के मुकाबले 1,403 मलेरिया पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 336 PV और 1,067 PF के मरीज शामिल हैं।
बैठक में बताया गया कि सुंदरपहाड़ी और बोआरीजोर प्रखंड सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र हैं। सुंदरपहाड़ी में जून माह में 401 तथा वर्ष 2026 में अब तक 1,092 मामले सामने आए हैं, जबकि बोआरीजोर में जून माह में 117 और अब तक 273 मामले दर्ज किए गए हैं। उपायुक्त ने इन क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग, इंडोर रेजिडुअल स्प्रे, मच्छरदानी के उपयोग, त्वरित उपचार और जनजागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने सभी पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित कर लोगों को मलेरिया, डेंगू और अन्य मच्छरजनित रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। साथ ही प्रत्येक पंचायत एवं गांव स्तर पर स्वयंसेवकों को जोड़कर घर-घर जागरूकता अभियान चलाने और संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।




