पाकुड़। तैलिक समाज की संगठनात्मक एकता, सामाजिक सुदृढ़ीकरण और विकास को लेकर रविवार, 13 सितंबर 2026 को पाकुड़ के सहरकौल स्थित डॉ. अनोज के क्लिनिक परिसर में पाकुड़ जिला तेली समाज की बैठक सह कार्यकर्ता जुटान आयोजित की गई। बैठक में समाज के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई और उन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। मंच का संचालन राजू नंदन साहा और हुकुम चंद ने संयुक्त रूप से किया।
बैठक में नगर समिति की तर्ज पर प्रखंड स्तर पर समितियों के गठन का मार्ग प्रशस्त करने का निर्णय लिया गया। चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए चुनाव की तिथियां निर्धारित करने और जिला स्तर से चुनाव पर्यवेक्षक दल गठित करने पर सहमति बनी। इसके अलावा जिले के अंतिम छोर तक संगठन की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक गांव में ग्राम स्तरीय संयोजक (वीएलसी) गठित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके माध्यम से ग्राम स्तर और जिला संगठन के बीच पारदर्शी संवाद स्थापित करने की बात कही गई।
बैठक में समाज को एक साझा मंच पर लाकर सामाजिक एकजुटता मजबूत करने तथा सांस्कृतिक विरासत और पौराणिक विचारधाराओं के संरक्षण पर भी जोर दिया गया। वहीं गैर-राजनीतिक सामाजिक कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़कर गरीब और जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए सेवा भाव से कार्य करने का संकल्प लिया गया। संगठन के विस्तार और आगामी कार्यक्रमों को लेकर दिसंबर में जिला स्तरीय महासभा आयोजित करने की घोषणा की गई। महासभा के सफल संचालन के लिए प्रखंड स्तर पर सात सदस्यीय समितियों का गठन किया जाएगा, जो आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगी।
बैठक में अनुगृहीत साह, रंजन साहा, डॉ. अनुज साहा, अशोक कुमार साहा, अरविंद गोराई, धनेश्वर साहा, दीपक साहा, कालीचरण साहा, रतन साहा, बानेश्वर साहा, श्रवण साहा, रामकुमार साहा, विश्वनाथ साहा, अरुण साहा, धनंजय साहा, नरेन साहा, अनिल साहा, राजेश साहा, ओमप्रकाश साहा और सहदेव साहा सहित बड़ी संख्या में समाज के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम के अंतिम चरण में अध्यक्ष कुमार शांतनु ने समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सामाजिक दायित्वों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी उपस्थित सदस्यों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम का समापन “जय तेली समाज” के नारों के साथ हुआ।





