गोड्डा: समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में पीएम पोषण योजना की स्टेयरिंग सह मॉनिटरिंग समिति की बैठक हुई। बैठक में जिले के विद्यालयों में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, नियमितता, स्वच्छता, खाद्यान्न की उपलब्धता और योजना के अनुश्रवण की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में प्रखंडवार प्रगति की समीक्षा के दौरान पथरगामा में 59.77 प्रतिशत, पोड़ैयाहाट में 59.66 प्रतिशत, सुंदरपहाड़ी में 56.38 प्रतिशत तथा ठाकुरगंगटी में 58.98 प्रतिशत प्रगति की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने कम प्रगति वाले विद्यालयों एवं क्षेत्रों को चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बैठक में बसंतराय, बोआरीजोर, सुंदरपहाड़ी और गोड्डा प्रखंड के 12 चिन्हित विद्यालयों की विद्यालयवार स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने इन विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति, पीएम पोषण योजना के संचालन और अन्य गतिविधियों का स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करने को कहा।
उपायुक्त ने कहा कि जिन विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बहुत कम है, उन्हें चिन्हित कर विस्तृत जांच कराई जाए। जांच के दौरान लापरवाही, अनियमितता या जानबूझकर कार्य में उदासीनता पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए।
जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक कुमार को निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि पीएम पोषण योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों में जिम्मेदारी तय की जाए। संबंधित एसएमसी सदस्यों के साथ-साथ विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग में लापरवाही पाए जाने पर बीआरपी एवं सीआरपी के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त ने विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता, खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण, रसोईघर की साफ-सफाई, भोजन परोसने की व्यवस्था और पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पीएम पोषण योजना बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और विद्यालय में नियमित उपस्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन मिलना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने संबंधित प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को नियमित विद्यालय निरीक्षण करने तथा बीआरपी-सीआरपी को अपने क्षेत्र के विद्यालयों की लगातार मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि मॉनिटरिंग व्यवस्था केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए। योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त विस्पुते श्रीकांत यशवंत, नगर परिषद अध्यक्ष सुशील रमानी, नगर पंचायत अध्यक्ष महागामा प्रबोध सोरेन, जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिला टुडू, जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक कुमार समेत संबंधित प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, बीपीओ एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।





