भागलपुर मायागंज अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों का खूनी संग्राम, अधीक्षक कार्यालय के सामने जमकर चले लाठी-डंडे

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram
Prisoner admitted in private hospital shot dead in Patna - The Hindu
पूर्वी बिहार के सबसे बड़े अस्पताल, मायागंज में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब निजी कंपनी के सुरक्षाकर्मियों के दो गुट आपस में भिड़ गए। वेतन और अवकाश जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन के दौरान बांका से आए सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय गार्डों के बीच कहासुनी हिंसक संघर्ष में बदल गई। अस्पताल परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और मारपीट में कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुरक्षा के जिम्मेदारों का ‘हिंसक तांडव’: अस्पताल में मची भगदड़

भागलपुर का मायागंज अस्पताल, जो मरीजों की जान बचाने का केंद्र है, मंगलवार को सुरक्षाकर्मियों की आपसी लड़ाई के कारण रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। अस्पताल के अधीक्षक कार्यालय के ठीक सामने सुरक्षाकर्मियों के दो गुटों के बीच जमकर लाठियां चलीं। इस खूनी संघर्ष ने न केवल अस्पताल की शांति भंग की, बल्कि वहां इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया।

वेतन और अवकाश बना विवाद की जड़

जानकारी के अनुसार, अस्पताल में तैनात निजी कंपनी के सुरक्षाकर्मी लंबे समय से वेतन वृद्धि, अवकाश और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर धरना दे रहे थे। इसी बीच बांका से पहुंचे उसी कंपनी के कुछ सुरक्षाकर्मियों के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते सुरक्षाकर्मी लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर टूट पड़े। यह बवाल केवल अधीक्षक कार्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अस्पताल परिसर से बाहर सड़क तक जा पहुँचा।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

जिस अस्पताल की सुरक्षा का जिम्मा इन गार्डों के कंधों पर था, उन्हीं का यह हिंसक रूप प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि वर्दीधारी सुरक्षाकर्मी किस तरह बेखौफ होकर एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं। इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। जब इस मामले में अस्पताल अधीक्षक प्रोफेसर एच.पी. दुबे से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो वे सवालों से बचते नजर आए।

तनाव बरकरार, जांच की मांग

इस घटना के बाद से मायागंज अस्पताल में भारी तनाव व्याप्त है। घायल सुरक्षाकर्मियों का इलाज वहीं चल रहा है। अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि जो अपनी सुरक्षा नहीं कर सकते, वे मरीजों की क्या रक्षा करेंगे। प्रशासन अब इस मामले की जांच की बात कह रहा है, लेकिन घटना ने सुरक्षा कंपनी के चयन और अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मियों के अनुशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

rohini shree
Author: rohini shree

Leave a Comment

Kelanchaltimes हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

DSPMU के योगेश भास्कर की JPL 2026 में एंट्री, कुलपति डॉ. राजीव मनोहर बोले— “सिर्फ अकादमिक ही नहीं, जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ दें”

रांची : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची के दर्शनशास्त्र विभाग के छात्र योगेश भास्कर का चयन आगामी झारखंड टी-20 लीग (JPL 2026) के

साहिबगंज: उपायुक्त ने कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की, साइकिल वितरण और छात्रावास निर्माण में तेजी लाने का निर्देश

साहिबगंज के उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने सोमवार को आईटीडीए और जिला कल्याण कार्यालय की योजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में छात्रवृत्ति, साइकिल वितरण,

बरहरवा: पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के आवास पर कांग्रेस की बैठक, बीएलए-2 कार्यकर्ताओं को दिए गए दिशा-निर्देश

सोमवार को बरहरवा में पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के इस्लामपुर स्थित आवास पर कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक संपन्न हुई। प्रखंड अध्यक्ष

तालझारी में स्वास्थ्य विभाग का प्रभावी कदम: टीबी मुक्त अभियान के तहत 60 लोगों का हुआ डिजिटल एक्स-रे

तालझारी के आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बालापोखर में ‘100 दिन टीबी मुक्त अभियान’ के तहत एक बृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आधुनिक