सहरसा। भगवान शिव को समर्पित पवित्र सावन (श्रावण) मास का शुभारंभ 30 जुलाई (गुरुवार) से होगा और इसका समापन 28 अगस्त (शुक्रवार) को होगा। ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान एवं फाउंडेशन, डॉ. रहमान चौक, सहरसा के संस्थापक एवं कोशी क्षेत्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सावन की पहली सोमवारी 3 अगस्त को पड़ेगी। इसी दिन नवविवाहित महिलाओं का प्रमुख पर्व मधुश्रावणी पूजा और मौना पंचमी भी मनाई जाएगी।
पंडित तरुण झा ने बताया कि श्रावण मास भगवान भोलेनाथ का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। इस पूरे माह में श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि सावन में सच्चे मन से की गई शिव आराधना से भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं तथा सुख, समृद्धि और उन्नति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक तथा माता पार्वती की विशेष पूजा का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। इस दौरान भगवान शिव को जल, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, मंदार पुष्प, कच्चा गाय का दूध, विजया पत्र, शहद, गुड़, इत्र और पंचामृत अर्पित करना शुभ माना जाता है। वहीं माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री अर्पित करने से वैवाहिक सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
ज्योतिषाचार्य ने श्रद्धालुओं से सावन मास में महामृत्युंजय मंत्र, ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का नियमित जाप, शिव चालीसा का पाठ तथा पार्थिव शिवलिंग पूजन करने की भी अपील की। उन्होंने बताया कि इस पावन माह में सोलह सोमवार व्रत का शुभारंभ करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है।
सावन मास की शुरुआत के साथ ही शिवालयों में विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं। पहली सोमवारी को लेकर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है और पूरे वातावरण में ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बोल बम’ के जयकारों की गूंज सुनाई देगी।





