गोड्डा: उपविकास आयुक्त (डीडीसी) ने गुरुवार को ठाकुरगंगटी एवं मेहरमा प्रखंड का दौरा कर झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के माध्यम से संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों और सिंचाई परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए आजीविका गतिविधियों को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने मानिकपुर आजीविका महिला संकुल, संजीवनी आजीविका संसाधन केंद्र (एएसके), ठाकुरगंगटी-मंडरो सखी सिल्क हैंडलूम प्राइवेट लिमिटेड तथा आजीविका सहायता केंद्र (एलएससी) का भ्रमण किया। उन्होंने पोस्ट कोकून गतिविधियों जैसे बुनाई, रंगाई, हैंड पेंटिंग और मूल्य संवर्धन कार्यों का अवलोकन किया तथा महिलाओं की आय बढ़ाने, उत्पादन क्षमता में सुधार और उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद उपविकास आयुक्त ने मेहरमा प्रखंड के बुढ़वाचक गांव स्थित लिफ्ट सिंचाई परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की प्रगति, सिंचाई व्यवस्था, वाटर यूजर ग्रुप (डब्ल्यूयूजी) के संचालन और किसानों को मिल रहे लाभ की समीक्षा की। साथ ही संबंधित अधिकारियों को परियोजना के नियमित रखरखाव, प्रभावी संचालन और सतत प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, सामुदायिक कैडर तथा बड़ी संख्या में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं मौजूद रहीं। दौरे के अंत में डीडीसी ने सभी अधिकारियों और स्वयं सहायता समूहों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को और अधिक सशक्त एवं सफल बनाने का आह्वान किया।





