भागलपुर: विक्रमशिला पुल की मरम्मत को लेकर बनाए गए बेली ब्रिज को 28 अगस्त से हटाए जाने के फैसले पर बिहपुर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व प्रत्याशी अर्पणा कुमारी ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बेली ब्रिज हटने से पूर्वी बिहार और सीमांचल के बीच सड़क संपर्क प्रभावित होगा। इसका सीधा असर लाखों लोगों के साथ व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों पर पड़ेगा।
अर्पणा कुमारी ने कहा कि अगर बेली ब्रिज को महज 85 दिनों के लिए ही इस्तेमाल करना था, तो इसके निर्माण पर करीब 28 करोड़ रुपये खर्च करने की जरूरत क्या थी। उनका कहना है कि इस अवधि में विक्रमशिला पुल की मरम्मत का काम पूरा कराया जा सकता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि बेली ब्रिज हटने के बाद पुल की मरम्मत में करीब तीन महीने का समय लगने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बारिश के साथ दुर्गा पूजा और छठ जैसे बड़े पर्व भी हैं। ऐसे समय में आवागमन बाधित होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
अर्पणा कुमारी ने यह भी चिंता जताई कि बेली ब्रिज हटने के बाद यदि लोगों को नाव या स्टीमर से आवागमन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, तो बरसात के मौसम में सुरक्षा का खतरा बढ़ सकता है।
अर्पणा कुमारी ने बिहार सरकार से मांग की है कि विक्रमशिला पुल की मरम्मत की समय-सीमा बढ़ाई जाए और बेली ब्रिज हटाने से पहले आम लोगों के आवागमन के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जनता को परेशानी से बचाने के साथ-साथ करीब 28 करोड़ रुपये के सरकारी खर्च का भी समुचित उपयोग सुनिश्चित होना चाहिए।





