पाकुड़। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को देशभर के बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने विभिन्न लंबित मांगों को लेकर एकदिवसीय हड़ताल की। इसी क्रम में पाकुड़ में भी विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने हड़ताल में भाग लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। हड़ताल का प्रमुख मुद्दा पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना और अन्य लंबित मांगों का शीघ्र समाधान रहा।
हड़ताल को सफल बनाने के लिए बैंक यूनियनों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों से संपर्क कर उन्हें आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक समेत विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों में हड़ताल को लेकर एकजुटता देखने को मिली।
UFBU के अनुसार पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग लंबे समय से लंबित है। यूनियन का कहना है कि 2015, 2020 और 2023 के समझौतों के बाद 2024 के 12वें द्विपक्षीय समझौते में भी आवश्यक सरकारी मंजूरी के बाद सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित करने की बात दर्ज की गई थी। इसके बावजूद अंतिम सरकारी मंजूरी में देरी हो रही है।
बैंक यूनियन नेताओं का कहना है कि बैंकिंग सेवाएं तेजी से डिजिटल हुई हैं और वित्तीय संस्थान पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं। ऐसे में बैंकिंग क्षेत्र में सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना समय की मांग है। यूनियनों के मुताबिक इससे कर्मचारियों को बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस मिलेगा और डिजिटल दौर में बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।





